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लेखनी कहानी -24-Dec-2021 मेरी डायरी

मेरी डायरी
दिनांक - 24/12/21
दिन - शुक्रवार

मेरी डायरी में आज जुलाई का सफ़र, जून बीत चुका था अब जुलाई शुरू हुआ, जून के अंत में ही मेरे पास एक जॉब का ऑफर आया था, पार्ट टाइम जॉब, कुछ खास नहीं था पर बुरा भी नहीं था, और मैनें बिना सोचे समझे हाँ कर दिया था। अब हाँ कह चुकी थी तो काम तो करना ही था, ये काम मुझे कुछ ज्यादा पसंद नहीं था, पर फिर भी मैनें हाँ बोला था, क्योंकि मेरी जरूरत थी और जरूरत से ज्यादा मजबूरी क्योंकि जिसने बोला था, उनसे मैं न नहीं कर पाई थी, खैर कोई काम बुरा नहीं होता बस अपनी-अपनी पसंद की बात होती है, ये काम था कॉलिंग का क्लास 10th और 12th के स्टूडेंट्स को कॉल करके 'क्रेडिट कार्ड एजुकेशन लोन' जो कि बिहार गवर्नमेंट द्वारा दिया जाता है, के बारे में बताना और एडमिशन के लिए कन्वेंस करना।

१ जुलाई को मुझे ग्रुप से जोड़ दिया गया, और मैनें काम भी शुरू कर दिया, पर मैनें भी बोल दिया था, कि मैं काम तो करुँगी पर बहुत ज्यादा समय नहीं दे पाऊँगी, पर फिर भी जितना मुझसे होता था, मैं कर ही देती थी, साथ-साथ लेखनी में जुड़ी थी तो, सारा दिन उसमे भी लगी रहती थी, लेखनी से एक जुड़ाव सा होने लगा था, तो काफी समय उसमें बीतता था।

पर इस वक़्त वर्क लोड थोड़ा ज्यादा हो गया था, खुद का फिजियोथेरेपी, ट्रीटमेंट, माँ को भी समय-समय पर दवाई लेने के लिए याद दिलाना, योगा करने के लिए सुबह-सुबह जगाना खैर जैसे भी हो सारा काम हो ही जाता था। पर माँ को सुबह से मेरे लिए और अपने लिए सब कुछ करना पड़ता था। मेरा सारा काम माँ को ही करना पड़ता है, क्योंकि मैं खुद कुछ भी नहीं सकती। और साथ में पढ़ाई भी जिसके लिए मैं अभी ज्यादा समय नहीं दे पा रही थी।

इस महीने ६ जुलाई छोटी भाभी का बर्थडे था और ९ जुलाई भईया की बेटी का पहला बर्थडे तो घर में सेलिब्रेशन भी हुआ। कुल मिला कर एन्जॉयमेंट तो बहुत हुआ इस महीने के शुरुवात में पर मेरे अंदर उथल-पुथल मचा हुआ था, बाहर से तो मैं खुश थी पर मानसिक रूप से तनाव का सामना कर रही थी, क्योंकि ये जो कॉलिंग का काम मैं कर रही थी एक तो मुझे वैसे ही यह ज्यादा पसंद नहीं था, और फिर बहुत बार मुझे अननोन नो. वाले कॉल को झेलना पड़ता था इस वजह से मैं बहुत ज्यादा परेशान हो जाती थी, खैर जैसा भी हो यह महीना भी बीत गया।

तो अब फिर मिलते है मेरी डायरी के अगले भाग में अगस्त की खट्टी-मीठी यादों के साथ, तब तक के लिए अलविदा।


🖋️स्वाती चौरसिया
#डायरी
#लेखनी डायरी

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8 Comments

PHOENIX

22-Dec-2022 04:48 PM

सेलिब्रेशन का महिना।

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Dr. Arpita Agrawal

03-Apr-2022 08:33 AM

बहुत ही कठिन समय का ज़िक्र किया है आपने किंतु संघर्ष ही जीवन है 👌👌👌

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🤫

24-Dec-2021 09:19 PM

सच ही कहा आपने, ma'am अनजान नंबर से परेशानी हो ही जाती है। बेहतरीन डायरी लेखन है माम,

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Swati chourasia

24-Dec-2021 09:42 PM

Thank you ma'am 🙏😊

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